AC और सनरूफ वाले ई-रिक्शा के पेटेंट लीक, फीचर्स देख उड़ जाएंगे होश

इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में अब सिर्फ कार और बाइक ही नहीं, बल्कि ई-रिक्शा भी हाईटेक बनने की ओर बढ़ रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक पेटेंट लीक में ऐसा ई-रिक्शा देखा गया है, जिसमें AC और सनरूफ जैसे प्रीमियम फीचर्स दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। अब तक ई-रिक्शा को सिर्फ एक सस्ता और बेसिक ट्रांसपोर्ट साधन माना जाता था, लेकिन यह नया डिजाइन इस सोच को पूरी तरह बदल सकता है। पेटेंट इमेज में ई-रिक्शा का लुक ज्यादा मॉडर्न और एयरोडायनामिक नजर आ रहा है, जो इसे आम मॉडल से अलग बनाता है।

कम्फर्ट पर खास फोकस
लीक जानकारी के मुताबिक इस नए ई-रिक्शा को यात्रियों के आराम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। गर्मी के मौसम में ई-रिक्शा में सफर करना काफी मुश्किल हो जाता है, लेकिन AC फीचर मिलने से यात्रियों को कार जैसी ठंडक महसूस हो सकती है। वहीं, सनरूफ की मौजूदगी इसे एक प्रीमियम टच देती है और हवा व रोशनी के बेहतर फ्लो में मदद करती है। यह ई-रिक्शा खासतौर पर उन शहरों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जहां ट्रैफिक ज्यादा और तापमान काफी ऊंचा रहता है।

फीचरसंभावित विवरण
केबिन डिजाइनबंद केबिन के साथ मॉडर्न लुक
AC सिस्टमइलेक्ट्रिक कूलिंग यूनिट
सनरूफस्लाइडिंग या फिक्स्ड ग्लास रूफ
सीटिंग कैपेसिटी3–4 पैसेंजर
बैटरी टाइपलिथियम-आयन बैटरी
रेंज120–150 किमी (अनुमानित)
चार्जिंग टाइम4–6 घंटे
सेफ्टी फीचर्ससीट बेल्ट, मजबूत बॉडी फ्रेम
डिस्प्लेडिजिटल मीटर और बैटरी इंडिकेटर

डिजाइन और स्ट्रक्चर
पेटेंट ड्रॉइंग से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह ई-रिक्शा पूरी तरह से बंद केबिन डिजाइन के साथ आएगा। अभी बाजार में मौजूद ज्यादातर ई-रिक्शा खुले या सेमी-ओपन होते हैं, जिससे धूल और बारिश में परेशानी होती है। नया मॉडल इस समस्या को दूर कर सकता है। इसमें आगे की तरफ बड़ी विंडशील्ड, साइड विंडो और ऊपर की तरफ सनरूफ दिया जा सकता है। इसका फ्रेम मजबूत मटीरियल से बना होगा, जिससे यह ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बन सके।

AC सिस्टम कैसे करेगा काम
सबसे बड़ा सवाल यही है कि ई-रिक्शा में AC कैसे काम करेगा, क्योंकि इसमें पेट्रोल इंजन नहीं होता। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें अलग से एक इलेक्ट्रिक कूलिंग यूनिट दी जा सकती है, जो सीधे बैटरी से पावर लेगी। इसे इस तरह डिजाइन किया जा सकता है कि बैटरी की रेंज पर ज्यादा असर न पड़े। संभव है कि इसमें एनर्जी सेविंग मोड भी दिया जाए, ताकि जरूरत के हिसाब से कूलिंग को कंट्रोल किया जा सके।

सनरूफ से मिलेगा प्रीमियम अहसास
सनरूफ आमतौर पर कारों में देखा जाता है, लेकिन ई-रिक्शा में इसका इस्तेमाल इसे एकदम नया अनुभव बना सकता है। दिन के समय यह केबिन को रोशनी से भर देगा और रात में हवा के बेहतर सर्कुलेशन में मदद करेगा। इससे यात्रियों को घुटन महसूस नहीं होगी और सफर ज्यादा आरामदायक बनेगा। साथ ही, यह फीचर टूरिस्ट इलाकों में चलने वाले ई-रिक्शा के लिए खास आकर्षण बन सकता है।

ड्राइवर के लिए फायदे
इस नए ई-रिक्शा से सिर्फ यात्रियों को ही नहीं, बल्कि ड्राइवर को भी फायदा होगा। बंद केबिन और AC सिस्टम से ड्राइवर को धूप और बारिश से राहत मिलेगी। इससे लंबे समय तक काम करना आसान हो जाएगा। इसके अलावा, प्रीमियम फीचर्स होने की वजह से ड्राइवर ज्यादा किराया भी चार्ज कर सकता है, जिससे उसकी आमदनी बढ़ने की संभावना है।

बैटरी और परफॉर्मेंस
लीक जानकारी के अनुसार इसमें लिथियम-आयन बैटरी दी जा सकती है, जो ज्यादा रेंज और बेहतर परफॉर्मेंस देगी। एक बार फुल चार्ज करने पर यह ई-रिक्शा 120 से 150 किलोमीटर तक चल सकता है। चार्जिंग टाइम भी ज्यादा नहीं होगा, जिससे इसे रोजाना इस्तेमाल करना आसान रहेगा। मोटर को इस तरह ट्यून किया जा सकता है कि यह स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस दे और ज्यादा शोर न करे।

बाजार में क्या होगा असर
अगर यह ई-रिक्शा वाकई AC और सनरूफ जैसे फीचर्स के साथ लॉन्च होता है, तो यह सेगमेंट में बड़ा बदलाव ला सकता है। अभी तक ई-रिक्शा को सस्ता और साधारण विकल्प माना जाता था, लेकिन यह मॉडल इसे एक प्रीमियम कैटेगरी में ले जा सकता है। इससे अन्य कंपनियां भी नए और एडवांस फीचर्स लाने पर मजबूर हो सकती हैं।

निष्कर्ष
AC और सनरूफ वाले इस नए ई-रिक्शा का पेटेंट लीक होना यह दिखाता है कि आने वाले समय में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ज्यादा आरामदायक बनने वाला है। बेहतर डिजाइन, ज्यादा कम्फर्ट और आधुनिक फीचर्स के साथ यह ई-रिक्शा शहरी ट्रांसपोर्ट की तस्वीर बदल सकता है। अगर इसे सही कीमत पर लॉन्च किया गया, तो यह यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

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